धरोहर-उत्कृष्टता की एक परंपरा

धरोहर-उत्कृष्टता की एक परंपरा

धरोहर राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के विश्वास की कसौटी पर दशकों से खरी उतरती वह पुस्तक श्रृंखला है, जिसने अपनी गृणवत्ता से अभ्यर्थियों को पुस्तक के रूप में सफलता का एक ऐसा मूल मंत्र दिया है जिसे धारण कर छात्र अनवरत सफलता के शिखर को छू रहे हैं। धरोहर पुस्तकों की इस सूची में या यूँ कहें कि ' धरोहर श्रृंखला' में एक और नई पुस्तक जुड़ रही है, जिससे धरोहर पुस्तक सूची का महत्त्व बढ़ेगा। यह नई पुस्तक है "वस्तुनिष्ठ राजस्थान"| पूर्ववर्ती धरोहर पुस्तकों की भाँति यह पुस्तक भी यथावत गुणवत्ता के साथ नवीन गुणों के समावेश का अद्भुत संकलन है। राजस्थान सामान्य ज्ञान के समस्त क्षेत्रों को समाहित करते हुए पुस्तक के विषयवार संभाग किए गए हैं ताकि संबंधित विषय का कोई भी पक्ष अछूता न रहे। पुस्तक में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के साथ उनकी तथ्यात्मक व्याख्या, यथास्थान संबंधित सारणियाँ, नक्शे तथा प्रश्नानुकूल उपयोगी जानकारी प्रदान की गई है। पुस्तक का प्रत्येक भाग गहन शोध, विश्लेषणात्मक एवं तथ्यात्मक अध्ययन के पश्चात्‌ विषय विशेषज्ञों की टीम की निगरानी में प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रकृति...

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नई पुस्तकों का विमोचन

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सुप्रसिद्ध व्याख्याता और लेखक कुंवर कनक सिंह राव राजस्थान की शिक्षा जगत में एक तेजस्वी सूर्य के समान हैं, जिनके प्रकाश से शिक्षा के क्षेत्र में सभी नक्षत्र अपनी आभा से शिक्षार्थियों के जीवन को आलोकित कर रहे हैं। कांठल-प्रतापगढ़ के पास ठिकाना ठलभू में जन्मे कुंवर कनक सिंह राव बचपन से ही बहुमुखी प्रतिभा के धनी और हरफनमौला व्यक्तित्व के स्वामी रहे हैं। एक छोटे से गाँव में जन्म लेने के बावजूद अपनी अद्भुत प्रतिभा और उच्च कोटि के चरित्र के बल पर उन्होंने न सिर्फ शिक्षा, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी अपनी क्षमताओं का लोहा मनवाया और जहाँ भी गए, सफलता के शिखर पर पहुँचे। केवल 14 वर्ष की उम्र में ही उन्होंने साहित्य के क्षेत्र में ‘कुँवर क्रांति’ के नाम से अपनी पहचान बना ली थी। जल्द ही, अखिल भारतीय कवि के रूप में उन्होंने ख्याति प्राप्त की और अपने ओजस्वी और वीर रस से भरपूर काव्य पाठ से राष्ट्र की युवा पीढ़ी में उत्साह और चेतना का संचार किया। वर्तमान में शिक्षा जगत के एक प्रमुख हस्ताक्षर, कर्मठ लेखक और कुशल शिक्षक के रूप में ख्यात कुंवर कनक सिंह राव का जन्म राजस्थान के कांठल, प्रतापगढ़ के पास स्थ...

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